लंदन। इस सदी के आखिर तक दुनिया का तापमान छह डिग्री बढ जाएगा जिसके विनाशकारी परिणाम होंगे। एक अध्ययन के मुताबिक उद्योगों और परिवहन से उत्सर्जित कार्बन डाइ ऑक्साइड एवं वनों की कटाई के कारण दुनिया के तापमान में इस हद तक बढोतरी होगी। ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट (जीसीपी) द्वारा लगाया गया यह अनुमान पहले लगाए गए अनुमान के मुकाबले चार डिग्र्री अधिक है।
कोपेनहेगन में अगले माह होने जा रहे जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन से पहले नेचर जियासोइंस नाम के जर्नल में जीसीपी की यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वनों और समुद्रों की कार्बन डाइ ऑक्साइड को अवशोषित करने की क्षमता लगातार घट रही है। अध्ययन के मुताबिक जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जित होने वाले कार्बन डाइ आक्साइड में वर्ष 2002 से 2008 के बीच 29 फीसदी बढोतरी हुई है।
ज्यादा उम्मीद नहींनई दिल्ली। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री जयराम रमेश ने गुरूवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीयों को कोपेनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर होने जा रहे सम्मेलन से अधिक उम्मीदें नही रखनी चाहिए। रमेश ने एक समारोह में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की 'द स्टेट ऑफ वल्र्ड पापुलेशन 2009' रिपोर्ट का लोकार्पण करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को किसी भी वैश्विक करार से अलग रखेगी, हालांकि घरेलू मोर्चे पर
शुक्रवार, 20 नवंबर 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

बहुत बेहतर लेखन है
जवाब देंहटाएंस्वागत है
जवाब देंहटाएं---- चुटकी----
जवाब देंहटाएंराहुल थके
प्रियंका ने
चलाई कार,
अब तो
यह भी है
टीवी लायक
समाचार।
हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
जवाब देंहटाएंकृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी टिप्पणियां दें
कृपया वर्ड-वेरिफिकेशन हटा लीजिये
वर्ड वेरीफिकेशन हटाने के लिए:
डैशबोर्ड>सेटिंग्स>कमेन्टस>Show word verification for comments?>
इसमें ’नो’ का विकल्प चुन लें..बस हो गया..कितना सरल है न हटाना
और उतना ही मुश्किल-इसे भरना!! यकीन मानिये
वाह भई लिखो तो लिखते रहो पसंद आ गई पोस्ट
जवाब देंहटाएं